जैसा कि हम ने अपने मददग़ारों और साथियों से वादा किया था कि 18 से 25 तारीख के बीच हम टीम बूंद के मिशन उम्मीद उत्तराखंड के प्राप्त-व्यय दान राशि का ब्यौरा सार्वजनिक करेंगे, हम आपके सामने हाज़िर हैं, नीचे दिए गए खर्च के ब्यौरे के साथ-साथ दानदाताओं का ब्यौरा भी संलग्न है। आपको साथ ही इस खर्च के बारे में कुछ जानकारियां भी देना चाहेंगे...उत्तराखंड में भीषण आपदा के बीच जब हम 21 जून, 2013 को पहुंचे तो हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती थी प्रभावित इलाकों तक ख़ुद पहुंचना और राहत सामग्री पहुंचाना, जिस कारण हमारा बड़ा खर्च परिवहन पर हुआ। चूंकि ज़्यादातर वाहन चालक आपदा प्रभावित इलाकों में जाने से भयभीत थे और सड़कें भी दुर्दशा की शिकार थीं या बह चुकी थी, ऐसे में लम्बे रास्तों से जाने और मुश्किल से वाहन मिलने के चलते हमको बार-बार आने वाली वालंटियर्स की टीम्स और राहत सामग्री की गाड़ियों पर बड़ा खर्च करना पड़ा, हालांकि शुरुआती दिनों में ऋषिकेश और रुद्रप्रयाग ज़िले के आरटीओ दफ्तर से हमें कुछ मदद मिली, जिसमें दो बार बिना कोई शुल्क दिए सरकार की ओर से वाहन और दो बार सिर्फ ईधन के खर्च पर वाहन उपलब्ध हुआ। इसके अलावा देश भर से आ रहे वालंटियर्स के रहने, भोजन, री-इम्बर्समेंट्स, भत्तों और परिवहन के साथ-साथ उनकी देखरेख पर भी खर्च हुआ। शुरुआती दिनों में राशन की सामग्री भी दिल्ली और ऋषिकेश से गई और एक बार बीच में भी ऐसा करना पड़ा लेकिन उसके अलावा प्रतिष्ठित एनजीओ GOONJ की ओर से लगातार राहत सामग्री और राशन की अपार और अनौपचारिक मदद मिलती रही, ऐसी मदद जैसा कि हम ने सोचा भी नहीं था...इसके लिए गूंज और अंशु गुप्ता को सलाम-शुक्रिया...
यही नहीं इसके अलावा हमारे जो खर्च थे वो तो आप सब की मदद से पूरे हो ही रहे थे...अगर आप की मदद न होती तो हमारे वालंटियर्स शायद इतने मुश्किल हालात में रह कर काम ही न कर पाते...लेकिन मुजफ्फरनगर के डॉ. गिरीश और उनकी जीवन सहचर मीनू जी की ओर से हमको न केवल आर्थिक मदद मिली बल्कि साथ ही लगभग 3-4 लाख रुपए की दवाएं हमको आपदा प्रभावित परिवारों के लिए दी...लेकिन सबसे अहम थे उनके भेजे दो देवदूत सोनू और जितेंद्र जिन्होंने आपदा प्रभावित दुर्गम इलाकों में हमारे साथ ग्रामीणों का इलाज किया...
लेकिन सबसे अहम हैं आप सब लोग क्योंकि आप लोगों की मदद ने न केवल हमें काम करने के लिए मूलभूत आवश्यक आर्थिक हैसियत दी...बल्कि साथ ही हमको सबसे ज़रूरी प्रेरणा और साहस दिया, जिससे हम अब तक उत्तराखंड में काम कर पाए हैं...अब हम उन्हीं इलाकों में पुनर्वास के काम में भी यथासंभव मदद कर पाएंगे...आपकी उम्मीदें ऐसी ही रहें...आपका नैतिक समर्थन हमारे साथ रहे...और साथ रहे आपकी जिज्ञासाएं, सवाल और बहस...क्योंकि जब तक हम आपके प्रति जवाबदेह रहेंगे तब तक हम ईमानदार रहेंगे....
हमारे लेखे जोखे के लिए दिए गए इन लिंक्स पर जाएं...
https://docs.google.com/ spreadsheet/ pub?key=0AqifbWq13IN_dDIwXzN3Sl BqQU1LeFpsaS15MFc1LWc&single=t rue&gid=2&output=html
https://docs.google.com/ spreadsheet/ pub?key=0AqifbWq13IN_dF92YUJqWn VDNlBia2VOOGFkdTFFVkE&output=h tml
(इस पूरे लेखे जोखे को CA शिव शंकर ने ऑडिट किया है, अधिक जानकारी के लिए kkjhaboond@gmail.com पर अपनी जिज्ञासाएं भेजी जा सकती हैं।)
साथ ही सलाम हमारे 21 राज्यों से साथ काम करने ग्राउंड ज़ीरो पर पहुंचे 100 से भी अधिक वालंटियर्स का...जिनके निस्वार्थ सेवा भाव के बिना ये सब कुछ संभव नहीं था...आप सबको एक बार फिर शुक्रिया...सलाम...उम्मीद है...उम्मीद उत्तराखंड है...
ज़िंदाबाद...
आपकी बूंद Boond टीम
यही नहीं इसके अलावा हमारे जो खर्च थे वो तो आप सब की मदद से पूरे हो ही रहे थे...अगर आप की मदद न होती तो हमारे वालंटियर्स शायद इतने मुश्किल हालात में रह कर काम ही न कर पाते...लेकिन मुजफ्फरनगर के डॉ. गिरीश और उनकी जीवन सहचर मीनू जी की ओर से हमको न केवल आर्थिक मदद मिली बल्कि साथ ही लगभग 3-4 लाख रुपए की दवाएं हमको आपदा प्रभावित परिवारों के लिए दी...लेकिन सबसे अहम थे उनके भेजे दो देवदूत सोनू और जितेंद्र जिन्होंने आपदा प्रभावित दुर्गम इलाकों में हमारे साथ ग्रामीणों का इलाज किया...
लेकिन सबसे अहम हैं आप सब लोग क्योंकि आप लोगों की मदद ने न केवल हमें काम करने के लिए मूलभूत आवश्यक आर्थिक हैसियत दी...बल्कि साथ ही हमको सबसे ज़रूरी प्रेरणा और साहस दिया, जिससे हम अब तक उत्तराखंड में काम कर पाए हैं...अब हम उन्हीं इलाकों में पुनर्वास के काम में भी यथासंभव मदद कर पाएंगे...आपकी उम्मीदें ऐसी ही रहें...आपका नैतिक समर्थन हमारे साथ रहे...और साथ रहे आपकी जिज्ञासाएं, सवाल और बहस...क्योंकि जब तक हम आपके प्रति जवाबदेह रहेंगे तब तक हम ईमानदार रहेंगे....
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https://docs.google.com/
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(इस पूरे लेखे जोखे को CA शिव शंकर ने ऑडिट किया है, अधिक जानकारी के लिए kkjhaboond@gmail.com पर अपनी जिज्ञासाएं भेजी जा सकती हैं।)
साथ ही सलाम हमारे 21 राज्यों से साथ काम करने ग्राउंड ज़ीरो पर पहुंचे 100 से भी अधिक वालंटियर्स का...जिनके निस्वार्थ सेवा भाव के बिना ये सब कुछ संभव नहीं था...आप सबको एक बार फिर शुक्रिया...सलाम...उम्मीद है...उम्मीद उत्तराखंड है...
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आपकी बूंद Boond टीम
